Monday, September 27, 2021
154,225FansLike
654,155FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

Rajasthan High Court accepts Asaram’s plea for early hearing; date set for late January

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

New Delhi (ILNS): In a big relief to the self-proclaimed rapist godman Asaram Bapu the Rajasthan High Court has accepted his plea for an early hearing. Asaram, who has been in jail for 7 years, was sentenced to life imprisonment in 2018.

The two-judge bench of Justices Sandeep Mehta and Rameshwar Lal Vyas, while accepting the plea of Asaram, has now given time for hearing in the third week of January 2021.

Senior advocate Jagmal Chaudhary and advocate Pradeep Chaudhary had filed the petition on behalf of Asaram. 

Asaram had stated in his application that he is 80 years old and has been in jail since 2013, therefore, his application should be heard at the earliest.

Asaram was arrested from the Chhindwara district of Madhya Pradesh in 2013 in the case of sexual harassment. On April 25, 2018, Asaram was sentenced to life imprisonment. Asaram has not got a bail for the last seven years. Even in June 2020, Asaram had filed his bail application, which was rejected by the Gujarat High Court, saying that Asumal Harpalani alias Asaram Bapu would not be granted temporary bail because, if he comes out these days, his followers would reach in large numbers and Corona infection will be at risk of spreading.

A rape case is going on against Asaram in Gandhinagar court even though he had sought temporary bail for four months on various grounds but his application was rejected citing Corona infection.

Narayan Sai, son of Asaram, is also serving life sentence. On April 30 2019, Narayan Sai was sentenced to life imprisonment by the court of Surat. He was lodged in Lajpur Jail in Surat. Ever since Asaram has been in jail, he has tried many times to come out of the jail, but has not been able to get bail yet.

Read Also: Allahabad High Court directs state govt to fill up vacancies in Revenue Council in 15 days

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

4 COMMENTS

  1. जोधपुर के केस की हकीकत :-
    शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली, छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) गुरुकुल में पढ़ती थी, लड़की ने
    9 अगस्त 2013 को गुरुकुल छोड़कर अपने माता-पिता के साथ घर चली जाती है। जोधपुर में 15 अगस्त 2013 को बापू आसारामजी के पास जोधपुर (राजस्थान) में उसके माता-पिता आते हैं और बोलते हैं कि हमारी बेटी को किसी भूत-प्रेत की छाया है, 15 अगस्त की रात को बापू आसारामजी की कुटिया के सामने वाले घर में अपने पहचान वाले के यहाँ रुकते हैं, सुबह 16 अगस्त को हँसते-खेलते अपने घर शाहजहांपुर चले जाते हैं, घर के मालिक के बच्चों को 100-100 रुपए खर्ची भी देते हैं ।
    19 अगस्त को रात्रि 2:45 AM को बापू आसारामजी के विरूद्ध दिल्ली के कमला मार्केट पुलिस थाणे में जीरो एफ. आई. आर.दर्ज हुई, पर संदिग्ध तरीके से उस रजिस्टर के कई पन्ने फाड़ दिए गए । ऐसे केस में पहले मैजिस्ट्रेट की परमिशन ली जाती है फिर लड़की का मेडिकल होता है पर यहाँ लड़की का रातो-रात मेडिकल किया गया और अगले दिन उसके मैजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए ।
    20 अगस्त 2013 को लड़की के मैजिस्ट्रेट के सामने बयान होने के बावजूद FIR मैजिस्ट्रेट को नहीं दी गयी, अगले दिन 21 तारीख को दी गयी है । FIR व FIR की कार्बन कॉपी में भी अंतर पाया गया है । जिसका स्पष्टीकरण सम्बन्धित पुलिस कर्मी न्यायालय के सामने हुई अपनी गवाही में नहीं दे पाया है ।
    कमला मार्केट पुलिस थाणे के कांस्टेबल ने लड़की की FIR लिखते समय जो वीडियो रिकॉर्डिंग की थी उसे मिटाया या गायब किया गया है । वह रिकॉर्डिंग आज तक न्यायालय के सामने नहीं आई है । महिला पश्चिम पुलिस थाना, जोधपुर की investigation officer चंचल मिश्रा व कमला मार्केट पुलिस थाणे की ASI पुष्पलता ने न्यायालय के सामने हुई अपनी गवाही में यह बात स्वीकार की है ।
    लड़की की मेडिकल जाँच रिपोर्ट से रेप या यौन-शोषण की पुष्टि नहीं हुई है । लड़की का मेडिकल करनेवाली डॉ. शैलेजा वर्मा ने अदालत में दिए बयान में कहा : ‘‘मेडिकल के दौरान लड़की के शरीर पर रत्तीभर भी खरोंच के निशान नहीं थे और न ही प्रतिरोध के कोई निशान थे ।’’
    बापू आसारामजी कार्यक्रम में व्यस्त :-
    बापू आसारामजी 15 अगस्त 2013 की रात 9 बजे से 10:30 बजे तक सत्संग कर रहे थे । सत्संग के बाद पूना व सुमेरपुर के परिवाए के बीच हुई सगाई के निमित्त झुलेलालजी की झाँकी निकाली गयी थी, उस समय भी बापू आसारामजी उपस्थित थे । उस सत्संग के कई फोटो तथा उपस्थित व्यक्तियों की हुई न्यायालय में गवाही इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है । बापू आसारामजी ने दोनों परिवारवालों को रात को 11:30 बजे आशीर्वाद दिया था, वह फोटो भी न्यायालय के सामने सन 2014 से है तथा उसमें उपस्थित परिवारवालों की गवाही भी न्यायालय में हो चुकी है ।
    लड़की को कमरे में जाते किसी ने नहीं देखा :-
    सरकार की तरफ से 44 गवाह व बचाव पक्ष की तरफ से 31 गवाह examine किये गये । झूठा आरोप लगानेवाली लड़की व उसके माँ- बाप के सिवा ऐसा एक भी गवाह पिछले 4 वर्षों में नहीं आया जिसने यह कहा हो कि उसने लड़की को कुटिया (कमरे) में जाते हुए देखा है । सरकार के पास एक भी सबूत नहीं है और बापू आसारामजी के पक्ष में जो सबूत हैं उन्हें महिला पश्चिम पुलिस थाना, जोधपुर की investigation officer के द्वारा दबाया गया है जिसे डिफेन्स के दौरान उजागर किया गया ।
    POCSO व 370 धारा में जांच ठीक से नही हुई :-
    छिंदवाडा गुरुकुल में पढ़ने वाली इस लड़की के माँ- बाप जब लड़की को लेने के लिए छिंदवाडा गुरुकुल में आये थे तब दिनांक 9 अगस्त 2013 को लड़की के पिता ने उसे घर ले जाने के लिए निवेदन पत्र अपने हाथों से लिखकर, हस्ताक्षर करके दिया था जो चार्ज शीट में लगा हुआ है । गुरुकुल से माता- पिता स्वयं आकर लड़की को अपने घर ले जाने के बाद लड़की की सम्पूर्ण जिम्मेदारी माता-पिता की है । फिर भी बापू आसारामजी के ऊपर Trafficking of Persons की धारा 370 लगाई गयी है जिसके अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा है ।
    ऐसे ही लड़की बालिग होते हुए भी POCSO की धारा लगाई गयी है जबकि लड़की के बालिग होने के कई प्रमाण मिलने के बाद भी महिला पश्चिम पुलिस थाना, जोधपुर की investigation officer चंचल मिश्रा ने उनका संशोधन/ अन्वेषण नही किया । लड़की का विद्यालय के दाखिले का आवेदन, रजिस्ट्रेशन फॉर्म तथा उसके एलआईसी के कागजात में लिखी जन्मतिथि के अनुसार वह उस कल्पित घटना के समय बालिग थी, फिर भी उसे नाबालिग मानकर पॉक्सो एक्ट में केस चल रहा है । लड़की की आयु से संबधित सर्वोच्च न्यायालय के जाँच के आदेश के बावजूद पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखायी ।
    चंचल मिश्रा ने तो इस बात का संशोधन किया कि किस प्रकार से अधिक से अधिक और संगीन से संगीन धाराएं लगाई जा सकें ताकि बेल तक न मिले और बापू आसारामजी को कारावास में रख सके । पर कहते है न “जाको राखे साईयां, मार सके न कोय” ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है संत आसारामजी बापू के केस में होने वाले खुलासों को देखकर ।
    हकीकत यह है कि इनमें से एक भी धारा की परिपुष्टि के लिए सरकार के पास रत्तीभर भी सबूत नहीं है । फिर भी बापू आसारामजी 4 साल 3 महीनों से कारावास में हैं ।
    लड़की के कॉल्स और मेसेजेस संदिध पाये गए :-
    बापू आसारामजी 15 अगस्त 2013 की रात को सत्संग के बाद अपनी कुटिया में चले गए और लड़की व उसके माता पिता उनके निवास स्थान पर, जहाँ लड़की अपने माँ के फोन से रातभर अलग-अलग समय पर किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ बातचीत व मेसेजेस करती रही । लड़की व उस व्यक्ति के बीच 1 महीने में 1055 मेसेजेस का आदान-प्रदान हुआ है जो असामान्य है ।
    15 अगस्त की तथाकथित घटना के समय भी लड़की उसी व्यक्ति के साथ रात में कई बार फोन पर संपर्क में थी । लड़की की इस कॉल डिटेल को इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर चंचल मिश्रा ने छुपाकर रखा । लड़की के फोन की कॉल डिटेल तो चार्ज शीट में लगाई गई, परंतु 12 अगस्त से 17 अगस्त 2013 की कॉल डिटेल्स हटाकर लगाई गई । जो कॉल डिटेल्स लगाई गई उसमें भी कई मन्युपुलशन्स किये गए । जब उस कॉल डिटेल से संबंधित नोडल ऑफिसर का सरकार की तरफ से न्यायालय के सामने बयान हुआ, तब उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि चंचल मिश्रा द्वारा प्रस्तुत कॉल डिटेल प्रमाणित नहीं है । बचाव पक्ष की तरफ से, लड़की तथाकथित घटना के समय जिस व्यक्ति के साथ फोन पर सम्पर्क में थी, उस व्यक्ति की कॉल डिटेल न्यायालय के सामने प्रस्तुत करके उससे संबंधित नोडल ऑफिसर की जब न्यायालय के सामने गवाही करवाई गयी तब उन्होंने मूल प्रमाणित कॉल डिटेल के साथ सच को उजागर किया ।

  2. Hope justice will be given to Asaramji bapu, it is one of the case which was impacted becoz of media trial, medical report clearly stated no rape, case was even made weaker by his own disloyal ashramites resulted in conviction,hope court give justice to him at earliest.

Comments are closed.

News Update

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.